शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2016

पटना फिल्म फेस्टिवल 2016

पटना फिल्म फेस्टिवल 2016

नए वर्ष में लिखेंगें नई कहानी के तर्ज पर बिहार की राजधानी पटना में राजनीतिक एवं गैर- राजनीतिक शोरशराबे के माहौल से दूर प्रेममयी वसंत ऋतु के धूप-छांव में ‘पटना फिल्म फेस्टिवल’ कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तरफ से पहली बार आयोजित किया गया है. जबकि पटना की धरती पर फिल्म समारोह की शुरुआत विभिन्न विभागों एवं आयोजकों के सहयोग से वर्ष 2006  से अब तक तीन बार हो चुका है. 11- 18 फरवरी 2006, फरवरी 2007, 5-12 अप्रैल 2008 के बाद फिल्मों का यह सिलसिला बंद हो गया था. लंबे अरसे बाद शुरू हुए इस फिल्म समारोह की सबसे अच्छी बात है कि भारतीय पैनोरमा की विभिन्न भाषाओँ की क्लासिकल फिल्मों को देखने के लिए किसी को न रुपए खर्च करने हैं न ही किसी पास का इंतज़ार. महज अपना एक पहचान पत्र लेकर पटना के गाँधी मैदान स्थित मोना एवं एलिफिस्टन सिनेमा में पहुँच, पहले आओ पहले पाओं की तर्ज पर 20 फरवरी से 25 फरवरी तक वर्ष 1956 से अब तक के बने चुनिन्दा सामाजिक फिल्मों का आनंद सुबह दस बजे से चार शो में लें लिया जा सकता है. दिखाई जाने वाली प्रमुख फिल्मों में द कौफिन मेकर, दो बीघा जमीन, चाइनीज विस्पर्स, सिनेमावाला, नाचोम-इया- कुम्पसर, पान सिंह तोमर, डैडी ग्रैंड पा एंड माई लेडी, मसान, प्रियमानस, कागज के फूल, आंखों देखी, कामाक्षी, तिनकहों, देवदास, सीक एंड हाइड, उत्ताल, जल, नाटोकेर मोटो, काबुलीवाला, गूंगा पहलवान, अनवर का अजब किस्सा, कत्यार कलजात घुसाली, लिसेन अमाया, मेघे धाकातारा, ऐन, देसवा, बजरंगी भाईजान, एवं राम सिंह चार्ली है. सबसे अनोखी बात है कि इस फेस्टिवल में सिर्फ फिल्म ही नहीं दिखाए जाएंगें बल्कि रोजाना साढ़े बारह बजे से ढाई बजे तक बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर, फ्रेजर रोड में प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है.

पटना फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन करते तेजस्वी यादव 
समारोह का का उद्घाटन बिहार के उप-मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, कला, संस्कृति मंत्री श्री शिवचंद्र राम, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, समेत शेखर सुमन आदि बालीवुड कलाकारों, एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में सिनेमा ‘राम सिंह चार्ली’ के प्रदर्शन के साथ श्री कृष्ण मेमोरियल, हाल में आज 19 फरवरी को हुआ. जबकि फेस्टिवल का अंत ‘बजरंगी भाईजान’ के साथ होगा. कहने की जरूरत नहीं कि बिहार स्टेट फिल्म डेवलपमेन्ट एंड फिनांस कार्पोरेशन, फिल्म समारोह निदेशालय, एवं राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय के सहयोग से आयोजित पटना फिल्म फेस्टिवल से न सिर्फ माहौल में बदलाव आएगा बल्कि नए एवं कला से जुड़े लोगों को प्रेरणा एवं बहुत कुछ सिखने को मिलेगा.  
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