सोमवार, 25 दिसंबर 2017

सुरेन्द्र स्निग्ध और विनय कंठ को प्रलेस द्वारा श्रद्धांजलि एवं काव्य-गोष्ठी




गत दिनों पटना में कवि, उपन्यासकार, संपादक एवं अध्यापक प्रो सुरेन्द्र स्निग्ध की गंभीर बीमारी की वजह से असमय मृत्यु हो गई. शोकसंतप्त साहित्यकार, रंगकर्मी एवं अध्यापक समेत सभी संबद्ध लोग विभिन्न बैनर तले देश के विभिन्न हिस्से में अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए प्रगतिशील लेखक संघ की पटना इकाई के तत्वाधान में आज 25 दिसंबर 2017 को लेखराज परिसर, पटेल नगर में दिवंगत साहित्यकार सुरेन्द्र स्निग्ध की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा तथा काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया. समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रभात सरसिज तथा संचालन प्रलेस की सचिव डॉ रानी श्रीवास्तव ने किया. इस अवसर पर जहां रानी श्रीवास्तव ने सुरेन्द्र स्निग्ध की दो कविताओं 'अंतिम एकांत' तथा 'वर्षा' का पाठ किया वहीं वरिष्ठ कवि एवं कथाकार डॉ शिवनारायण ने सुरेन्द्र स्निग्ध के संस्मरण सुनाते हुए उनके प्रारंभिक जीवन से अब तक के संघर्ष एवं उनके व्यक्तित्व पर चर्चा की.



दूसरे सत्र में कवि शिवनारायण, शहंशाह आलम, समीर परिमल, रबिन्द्र के दास, अनिल विभाकर, राजकिशोर राजन, विजय प्रकाश, सुजीत वर्मा, ज्योति स्पर्श, नवनीत कृष्ण, गणेशजी बाग़ी, इति मानवी, राजेश कमल आदि ने अपनी कविताओं का पाठ किया. जबकि सुशील कुमार भारद्वाज ने एक लघुकथा सुनाई.



काव्य-गोष्ठी के बीच ही खबर मिली कि बिहार इप्टा के संरक्षक मंडल के सदस्य व जनपक्षधर शिक्षाविद प्रो विनय कुमार कंठ का भी आज असमय निधन हो गया. जिसके बाद अध्यक्ष से बातचीत के बाद दोनों ही कलाप्रेमी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए एक साथ दो मिनट का मौन रखा गया. सभा का समापन गौरव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.


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